वेद में अनेको आशीर्वचन के मन्त्र है | कुछ मन्त्र संतानों के लिए भी है ये कर्तव्य तो विद्यालय के शिक्षको का है की वे बालक बालिकाओं को अपने माता पिता के अच्छे स्वास्थ एवं जीवन के लिए उन्हें ये प्रार्थना सिखाये |
मा नो वधीः पितरम्मोत मातरम् | यजुर्वेद १६-१५
हे ईश्वर ! हमारे माता पिता को कोई कष्ट न हो पाए |
स्वस्ति मात्र उत पित्रे नो अस्तु | अथर्वेद १-३१-४
हमारे माता तथा पिता का सदैव स्वस्ति हो, सदा कल्याण हो |
ईश्वर हमारी शिक्षा व्यवस्था को पुनः समृद्ध भारत के समय जैसी करने की हमारे राजनेताओं को प्रेरणा दे | ताकि हमारी आने वाली पीढ़िया पुनः वेद पर आजाए |
ओ३म्
मा नो वधीः पितरम्मोत मातरम् | यजुर्वेद १६-१५
हे ईश्वर ! हमारे माता पिता को कोई कष्ट न हो पाए |
स्वस्ति मात्र उत पित्रे नो अस्तु | अथर्वेद १-३१-४
हमारे माता तथा पिता का सदैव स्वस्ति हो, सदा कल्याण हो |
ईश्वर हमारी शिक्षा व्यवस्था को पुनः समृद्ध भारत के समय जैसी करने की हमारे राजनेताओं को प्रेरणा दे | ताकि हमारी आने वाली पीढ़िया पुनः वेद पर आजाए |
ओ३म्
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